Safalta Kya Hai । काश पहले पता होता

निष्फलता दो तरह की होती है, 

1. सफलता मीलने के बाद की निष्फलता 
2. सफल होने के लिए की हुई कोशीश में निष्फलता। 

पहेले कीस्म की निष्फलता आती है तब आप सफलता का स्वाद चख चुके होते है। दुसरी किस्म की निष्फलता आप सफल न हो तब तक जारी रहेती है।

Safalta Kya Hai


जिसको सफलता अभी तक नहीं मीली उसको एक तरह से देखो तो खुदकी निष्फलता को निष्फलता माननी ही नही चाहिए। वह सब कोशीश या तो संघर्ष की सिढियो की तरह होती है या तो Learning licence जैसी होती है। सफल होने से पहेले की निष्फलता पाने वाले लोगो को कोइ सलाह अगर देनी हो तो वह यह है कि "अपने काम में लगे रहो" महेनत और धिरज बनाए रखो। एक कहानी आपको शायद याद होगी कि एक मकडी अपने जाल को बुनने के लिए कितनी महेनत करती है, वह बार-बार गिरती है और बार बार चढती है यही उसका काम होता है। अंत में आपने यह भी देखा होगा कि मकडी अपना जाल कुछ दिनो में बना ही लेती है।


कोशिश करने में कभी भी पीछे नही हटना चाहिए, आलस नही करनी चाहिए। घोर अंधेरे में जहा कोइ किरण भी नहीं नजर आती हो फिर भी आगे-पीछे देखे बिना अपना काम करते रहते है उनको देर से ही सही एक बार सफलता तो मीलती ही है। 


जो सिर्फ सफलता के सपने देखते है, काम करने में, महेनत करने मे मानते नही है उन लोगो को कभी खुद को सफलता क्युं नही मीली एसी शिकायत नही करनी चाहिए। समय, संजोग, नसीब सब कुछ ठीक होने के बावजुद भी अगर आप कडी महेनत नही करते तो आप सफल नहीं हो सकते। आपके जो भी छोटी छोटी कोशीशे है वह सब बेकार जाएगी। एसी निष्फलताओ के कारण आप बार-बार उदास हो जाएगे और परेशान हो जाएगे। इस समय उदासी दुर करने का एक ही इलाज है और वह है "काम ढुंढिए, काम करिए और काममें मगन रहिए।