जिस तरह यह धरती पर किसी भी व्यक्ति को समजना मुश्किल है वैसे ही व्यक्ति के जिंदगी में आनेवाली तरह-तरह के उतार-चढाव को भी समजना मुश्किल है। अच्छे-बुरे कर्म के फल, मृत्यु की निश्चितता और भौतिक मर्यादाओ को भी व्यक्ति जानते हुए भी वह सीधी तरह से चलता नही है। कुदरत के कुछ नियमो का वह अस्विकार करता है। वह सिर्फ खुद को ही नही दुसरो को भी दुखी करता है। अगर आप Zindagi Kaisi Honi Chahiye जानना चाहते है, अपने जिवन को सुकुन और शांति से जिना चाहते हो तो छोटी-छोटी मगर मोटी बातो को समजना ही पडेगा। इस आर्टिकल में जिंदगी की 10 छोटी-छोटी बातो को समजाया गया है।
1. वर्तमान ही जीवन है। vartman in hindi
हम लोग देखते हे कि हमारी आसपास के कई तरह के लोग हमेशा अपनी भुतकाल के यादो मे हमेशा खोये रहते है या फिर भविष्य की चिंता मे हमेशा डुबे हुए रहते है। जिसकी वजह से वह लोग अपनी अभी कि क्षण (वक्त) को वह लोग खुलके जी नही सकते। परीणाम यह देखने को मीलता है कि वह लोग अपना शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य खराब कर रहे होते है। जो वक्त बित चुका है वह कभी लौट कर वापस आनेवाला नही है और भविष्य में क्या होगा? इसका जवाब दुनिया का कोई भी व्यक्ति नही बता सकता है। हा, मगर आज अभी जो कर्म हम कर रहे है उसी पर पुरा भविष्य निर्भर रहता है। इसलिए हमे भुतकाल या भविष्यकाल कि चिंता में डुबे रहने के बजाए हमे जो भी सकारात्मक काम करने में मजा आता है उसी काम को करने में मगन रहिए। आप का भविष्य आज से कई गुना ज्यादा बहेतर हो जाएगा।
2. जिंदगी मे जो चाहिए, वो खुद चलकर नहीं आता।
आपने एक कहावत तो सुनी होगी सोए हुए शेर के मुंह मे कभी भी हिरण खुद ब खुद चलकर नहीं आती है, परंतु शेर को शिकार के लिए जाना पडता है। शेखचिल्ली के सपने देखने से हमे रास्ते मीलते नही है। अपने जिंदगी को जो कोइ भी गोल है मकसद है उनको पुरा करने के लिए सबसे पहेल आयोजन करना पडता है। फिर उस दिशा में पुरी महेनत और लगन से काम करना पडता है। तब जाकर हम अपनी जिंदगी में कामयाब हो पाते है।
3. परिवर्तन अपनाने वाले ही आगे बढते है। samajik parivartan kya hai
जो लोग परिवर्तन स्विकार करते है वही लोग अपनी जिंदगी के सफर में आगे बढ पाते है। मानव स्वभाव नई-नई चीजो के प्रति आकर्षक रहेता है। जिससे की व्यक्ति को अपनी जिवनशैली, स्वभाव और अपने व्यक्तित्वमें हमेशा परिवर्तन लाना ही पडता है। जब व्यक्ति अपनी जिंदगी में कुछ नया करने की सोचता है तब आसपास के लोग उसकी हंसी उडाते है उसका विरोध करते है, मगर जब वह व्यक्ति दुसरो की सुनने के बगैर, दुसरो पर ध्यान दिए बगैर अपने उस काम के प्रति हमेशा प्रयत्नशील रहेता है तब वह व्यक्ति एक ना एक दिन कुछ नया क्रांतिकारी और परिवर्तन जरूर लाता है। परिवर्तन सिर्फ सामाजिक या वैज्ञानिक तक ही सिमित नही है परंतु वह जरूरी भी है। हर दिशा के तरफ से आनेवाले विरोधो को जो व्यक्ति अपनी परिवर्तन की नांव मे बैठा लेता है वह व्यक्ति अद्वितीय सफलता हासील करता है।
4. हम खुद ही अपनी समस्याओ के जिम्मेदार होते है। pareshani ki vajah
यह चौथा सत्य है कि अपनी जिंदगी में जो कुछ भी उतार-चढाव आते है उसके लिए हम खुद ही जिम्मेदार होते है। कुछ व्यक्तिओका कहना है कि हमारे परिवार ने हमारे साथ अन्याय किया है, हमारी जिंदगी में हमे कोइ अवसर ही नही मीला, या फिर जिम्मेदारीयो के कारण हमारी शक्तिया खतम हो गई। यह सब खुद की कमजोरी को छुपाने के बहाने है और कुछ भी नही है। अगर इन बहानो का व्यक्ति खुद विश्लेषण करे तो उसकी खुद की पोल पकडा जाती है और उसको समझने से दुसरो के उपर करनेवाले दोषारोपण कि वृत्ति कम हो जाती है और व्यक्ति अपने काममे 100% समय दे सकता है।
5. जिंदगी में भुलना ज्यादा जरूरी था। bhulana bhi nahi aata
जिंदगी का पांचवा सत्व यह है कि हमारी जिंदगी में हमारे लिए जितना याद रखना जरूरी था उससे भी ज्यादा कुछ चीजो को भुलना जरूरी था। हम लोग अपनी जिंदगी हमारे साथ दुसरे लोगो द्वारा किए जाने वाले व्यवहार को, बुरे व्यक्तिओ को लंबे समय तक हमारी मनुस्मृति के अंदर उसको पकड के रखते है। जिसकी वजह से हमारे स्वभाव के अंदर नफरत और बदला लेने की भावना कभी छुटती ही नही है। उनका मन उसी चीज में हमेशा खोया हुआ रहता है, जिसकी वजह से नकारात्मक विचारो का पिटारा हमेशा बना रहता है। दुसरी चीजो में उनका ध्यान नही रहता है। इसलिए एसी वुत्तिओ को भुल जाओ, उनको माफ करदो और आगे बढ जाओ। यह तीन चीजे हमारे मन को शांत, स्वस्थ और सकारात्मक बनाती है, नई दिशा कि और सोचने पर सहायता मीलती है और हमारे संबंध ज्यादा मजबुत बनते चले जाते है।
6. जिंदगी में एक साथ दो राहे नहीं चुन सकते।
छठ्ठा सत्य यह है कि व्यक्ति को कभी भी दो राह नही चुननी चाहिए। दुध और दहीं दोनो के अंदर पैर रखने वाला व्यक्ति न घरका रहेता है ना घाट का रहेता है। उसकी हालत धोबी के कुत्ते के जैसी हो जाती है। इसलिए जो आपको चाहिए उसके प्रति स्पष्ट रहीए। बहुत सारे लोग दुसरो से छुपाने के चलते मन में जो होता है उसका उलटा ही करते है और दुखी होते है। तो कई लोगो को अपनी जिंदगी मे क्या चाहिए उसके प्रति स्पष्ट ही नहीं रहते जिसकी वजह से वह जो दिशा में काम कर रहे होते है उस दिशा में उनको कामयाबी नही मीलती है। तो कई लोगो को कुछ मील जाने के बाद में पता चलता है कि मुझे तो यह चीज नही चाहिए थी। दो नाव के अंदर सवार होने से नीचे गिरकर डुब जाने की संभावनाए ज्यादा रहती है। इसलिए हमेशा एक ही नाव में बैठने की कोशिश करे।
7. हमेशा दुसरो को आंकना। dusro ko judge karna
सातवा सत्य यह है कि कुछ व्यक्ति एसे भी होते है, जो हमेशा दुसरो को आंकते रहते है, दुसरो का मुल्यांकन करते रहते है, कि वह व्यक्ति एसा है या फिर वैसा है। एसी आदतो के चलते व्यक्ति का अपना किंमती समय और शक्ति दोनो ही बर्बाद होते है अपने काम के प्रति एकाग्रता कम होती है। जिंदगी का चक्र हमेशा चलता ही रहेता है आज हमारी बारी है तो कल दुसरो की बारी है। इसलिए दुसरो को आंकना दुसरो का मुल्यांकन करने की आदत को जितना जल्दी हो सके छोड दो।
8. कुछ बाते कभी नहीं बदलती। kuch chije kabhi nahi badalti
हमारी जिंदगी में कुछ चिजो को नामुमकीन से मुमकीन कर सकते है। फिर भी कुछ चिजे अपरिवर्तनशील है। हमारे जिंदगी में आनेवाले कुछ लोग मुल है, कितने ही संबंध स्विकार्य नही है, फिर भी हम उसको छोड नही सकते है। कुछ व्यक्ति के स्वभाव में या शरीर में खुन में ही दिक्कत रहेती है, तो उनको सुधारने की कोशिश में अपना किंमती समय और शक्ति को बर्बाद मत करो और आगे बढते जाओ।
9. अपना सिक्रेट अपने पास रखो।
हम अपनी जिंदगी में आगे भविष्य की कोइ भी योजना अगर बना रहे है तो उसकी बात कभी भी किसी से न करे। क्युंकि आज के दिन में कभी भी किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा करना एक बहुत बडी गलती हो सकती है। इसलिए अपनी भविष्य की कोइ भी योजना के बारे मे किसी से कुछ न कहे और उस दिशा में चुपचाप अपना काम करते रहे।
10. हमेशा दुसरो के लिए प्यार की भावना रखो। pyar ki bhavna
दसवा सत्य यह है कि हमारी जिंदगी बहुत ही छोटी है एसी छोटी सी जिंदगी में नफरत कि बजाय प्यार के बीज बोवो। दुसरो के साथ बे-मतलब की रिकजिक से हमेशा बचते रहो। हमेशा एक-दुसरो से प्यार की भावना रखो। खुश रहो दुसरो को भी खुश रखने कि कोशीश करो। इसे मे हम सबकी भलाई है।
