Kya Aap Khush Hai । जानिए 5 बेहतरीन खुश रहने के तरीके

आजकल Being cool शब्द नई जनरेशन में खुब प्रचलित है। वह लोग खुद तो कुल हो या न हो परंतु उनके आसपास के लोग कुल हो एसी उनकी तमन्ना हमेशा होती है। यह “कुल” होना मतलब क्या है? सरल भाषा में शांत, मीठी भाषा बोलनेवाला, विवेकपुर्ण और समजदार होना।


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1. खुद को स्विकार करना


कुल बनना वह सन्माननीय और प्रसंशनीय हो तो वह दिशा मे हम खुद भी कोशीश कर सकते है ना? कुल होना मतलब खुद जैसे है वैसा ही खुद को स्विकार करना और खुद से प्यार करना। हम में से कितने लोग है जो खुदको बाह्य और आंतरिक व्यक्तित्व रूप से स्विकार कर सकते है। कुलनेस मतलब खुदको देखने का नजरिया। अगर आप सबसे अलग है, फैशनेबल है, एकदम साधारण है, काले है, गोरे है, मोटे है, पतले है, फिर भी कोइ निराशा नही। फिर भी अपने व्यक्तित्व में कुछ खास होता है जिससे वह व्यक्ति अपने उपर गर्व महसुस करता है। कुलनेश के अंदर अपने कपडे या दिखावे में व्यक्ति बेफिकर होता है। स्वभाव में दिखावा नहीं होता पर खुद की कदर जरूर होती है।

2. अपने आप को सबसे बहेत समजना


मानव स्वभाव की सबसे बडी कमजोरी वह है की वह खुद को कुछ समजता है और वह खुद ही सच्चा है एसा उसका भ्रम होता है। एसे भ्रम में दुसरो से अलग पर अच्छी और सच्ची बात सुनता नही और आदर भी नही करता है। अगर आपको अपनी जिंदगी में कुल होना है तो खुद ही सच्चे हो एसी भावना का त्याग करना होगा और दुसरो की भावनाओ का सन्मान करना होगा। क्युंकी हम लोग अलग-अलग तरह के मौसम और अलग-अलग सामाजिक – आर्थिक परिस्थितिओ से आए हुए होते है। इसलिए कुछ चीजो के प्रति प्रेम और कुछ चीजो के प्रति नफरत जैसी मानव सहज भावना दुसरो की तिरष्कार का कारण न बने एसा भाव कुल व्यक्ति के अंदर होता है।

3. मुस्कुराना


आप अपनी जात के उपर मुस्कुरा सकते हो और अपने अंदर की कमी को स्विकार कर सकते हो। हद से ज्यादा गंभीर व्यक्ति खुद को बहुत नुकसान पहुंचाता है, वह अपने आसपास के वातावरण को युद्व का मेदान बनाता है या तो शोकसभा बनाता है। बहुत सारी व्यक्तियो को लडने की और रोने की आदत होती है, पर इस भागदौड वाली जिंदगी में इसके इलावा तीसरी महत्वपुर्ण बात है मुस्कुराने की। यह दुनिया मे कोई भी व्यक्ति परफेक्ट नही है। पुरे दिन में आपसे मीलने वाले लोगो में से दस में से आठ व्यक्ति किसी ना किसी तरह की गलती करेगा ही। अगर एसी बातो से भी आप परेशान रहेतो हो तो आप जरूर दुखी ही रहोगे। हजार गलतिया, कमीया और परेशानीया पर भी थोडा सा हंसना शीखीए। वह जिंदगी की सारी खुशीया छीन न ले इस तरह से उसे अपने सीर पर न चढाइए।

4. शिष्टाचार - Good manners


जल्दबाजी, अविवेकी और अभिमानी व्यक्ति किसी को भी पसंद नही आता है। Good manners वह कोई बडा एक्शन नही है, परंतु एसी छोटी-छोटी बाते है जो दुसरे व्यक्ति के उपर गहेरा छाप छोड जाती है। जैसे की, किसी भी व्यक्ति की मदद करना, कृतज्ञता बताना, नम्रता से किसी भी व्यक्ति की बात को स्विकार करना। किसी के घर जाना हो तो गिफ्ट-भेट लेकर जाना, अपना काम निश्चित समय पर पुरा करना। यह छोटी-छोटी सकारात्मक चिजे व्यक्ति को दुसरो से अलग बनाती है।

5. जानकारीया - ज्ञान – Knowledge


आज जबकी Knowledge ही पावर है तब व्यक्ति के पास देश – दुनियानी गतिविधी, राजकारण, स्पोर्टस, म्युजिक, मुवी, फेशन, आर्ट जैसी चिजो का Knowledge होना जरूरी है। खुद के पसंद के न हो वैसे विषयोके बारे में भी जानकारी अगर हो तो वह व्यक्ति किसी भी स्तर के व्यक्ति के साथ बातचीत आराम से कर सकता है।

कुल व्यक्ति थोडी सा रहस्यमय होता है, वह अपनी बातो को सबको नही बताता। पर समय के अनुसार वह अपनी बात को सबके सामने रखता है और उसको मिलनी वाली वयक्ति को और उत्सुक्ता बढे एसा उनका व्यक्तित्व होता है।

Being cool मतलब


खुद पर क्न्ट्रोल करना।

किसी भी कारण निराश न होना, खुद कमजोर है वैसा न दिखना।

जैसे है वैसे ही रहना, मतलब के खुद की कमजोरी पर भी पिछेहट न करना, कोई भी आपको स्विकारे या न स्विकारे उसकी ज्यादा परवाह न करना।

Being cool व्यक्ति खुद के विचारो को, अनुभूति को, महत्वाकांक्षा को, ध्येय, निष्फलता, सफलता को, डर, अच्छा-बुरा अच्छे तरीके से जानता है और बखुबी उसे दुसरो के सामने व्यक्त भी करता है।

Being cool व्यक्ति मैत्रीपुर्ण होता है, दुसरो की बातो को सुनता है, समजता है, परंतु उसके विचारो पर ज्यादा दखल नही करता है।

Being cool व्यक्ति अच्छी बातचीत करनेवाला होता है। दुसरो की बात समजना और अपनी बात दुसरो को समजाना भी एक कला है। वह खुद खराब नही दिखता और दुसरे भी खराब दिखे एसा कोइ भी व्यवहार वह नही करता है।


उनका सेंस ओफ ह्युमर और सोचने का लेवल सबसे अलग होता है।