Gratitude Meaning In Hindi | कृतज्ञता का अर्थ जानिए

Kritagyata का मतलब सामान्य शब्दो में आभार की अनुभूति। जिंदगीं मे जो कुछ भी मीला है उसका संतोष। शिकायत के बजाय धन्यताकी अनुभूति। परंतु हमारे संबंधो और विकास में जो समस्या है, जिंदगी में विषाद की अनुभूति है उसके मुल में कृतज्ञता का अभाव है। वैस देखा जाए तो भगवान की भक्ति और प्रार्थना में भारतीय अव्वल है। 


gratitude meaning in hindi


भगवान की भक्ति और उनकी यादो में उनके गुन गाए जाते है। कुदरत का शुक्रिया अदा किया जाता है। परंतु वह शब्दो के द्वारा किया जाता है उसमें ह्रदय का कोइ भी भाव सामिल नहीं होता है। जिसकी वजह से भगवान की भक्ति से भी हमें मन की शांति और सुकुन मील नही पाता है। हम लोग हमेशा शिकायत ही करते रहते है जिसकी वजह से हमे उसका कोइ भी समाधान मील नही पाता है।

सच बात तो यह है कि कृतज्ञता जिंदगी में सब कुछ परिपुर्ण है वह भाव लाता है। जो कुछ भी हमारे पास है उसको पर्याप्त और ज्यादा बना देता है। इनकार को स्वीकार में बदल देता है। इतना ही नहीं कृतज्ञता से उलझन भी सुलज जाती है और अव्यवस्था भी व्यवस्था में तबदील हो जाती है।

इस पर एक छोटी सी कहानी प्रस्तुत है जिसकी वजह से कृतज्ञता करने में और भी ज्यादा आप उत्सुक हो जाएगें।

कहानी यह है कि एक छोटीसी चिडिया होती है जो एक जंगल में रहेती है। बहुत ही बुरी हालत में अपनी जिंदगी वह गुजार रही होती है। उसकी जिंदगी जीने की कोइ भी ख्वाइश ही नही बची होती। वह रोज हमेशा अपनी जिंदगी को कोशती रहती। एक दिन परिस्थिति बदलती है। उसने देखा की एक फरिश्ता भगवान को मिलने के लिए जा रहा है। फरिश्ते को लगा की इस चिडिया को कोइ मदद की जरूरत है। इसलिए वह चिडिया के पास जाकर उसके हाल चाल मालुम करने लगा। चिडियाने अपना सारा दुख उस फरिश्ते को बता दिया जो फरिश्ता भगवान के पास जा रहा था।

चिडियाने अपनी उन दुखो के बारें में भगवान को बताने के लिए उस फरिश्ते को कहती है और फरिश्ता उसकी बात मान भी लेता है। जब वह फरिश्ता भगवान के पास उस चिडिया के दुखो के बारें में सारी बात करता है। तब भगवान यह कहते है कि अभी उस चिडिया को और भी कई दुख सहने बाकी है। इस बात से वह फरिश्ता और भी ज्यादा परेशान हो जाता है और उस चिडिया का दुख दुर करने के लिए भगवान से प्रार्थना करने लगता है कि चिडिया का दुख दुर करने के लिए आप ही कोइ उपाय बताइये। तब भगवान ने उस फरिश्ते से कहा ठिक है उस चिडिया को जाके कह दो कि हमने अभी तक उसको जो भी कुछ दिया है उसका धन्यवाद करने लगे, शुक्रिया अदा करने लगे। अच्छी बातो के लिए भी और दुख देने वाली बातो के लिए भी।

फरिश्ता जब वापस होने लगा और वापस होकर उस चिडिया को सारी बात बताइ जो बात सुनने के लिए वह काफी ज्यादा उत्साहित थी। उसने भगवान के द्वारा बताइ गई सारी बातो का दिल से पालन करने लगी।

कुछ समय के बाद उस फरिश्ते का फिर से वहा से गुजर होता है। वह वहा के हालात देखकर बहुत ही अचंभे मे पड गया। उसने देखा कि जिस जगह कुछ समय पहले विरान जगह थी वह जगह आज फुल और पौधो से हरा-भरा बगीचा बन गया था। घटादार वृक्ष भी थे और एक सरोवर भी था। वह फरिश्ता यह सब देखकर हैरान रह गया। उसको लगा की शायद वह कोइ रास्ता भुल गया है।

तभी वहा वह चिडिया उस फरिश्ते को देख लेती है और उनका धन्यवाद करती है। फरिश्ते ने कहा तुम कौन हो? चिडिया ने कहा आपने मुझे नही पहचाना? मै वही चिडिया हुं जिसको आपने भगवान का संदेश सुनाया था। चिडिया की सारी परिस्थिति देखकर वह फरिश्ता भगवान के पास गया।

उसने भगवान के पास जाकर चिडिया के बारे में कहा की आपने तो उसको जब तक उसकी जिंदगी है तब तक उसको दुख सहेना पडेगा एसा कहा था फिर भी आज उसके हालात इतने अच्छे और बहेतर कैसे हो गए? तब भगवान ने कहा की जब भी व्यक्ति खुश होता है और आभार व्यक्त करता है तब उसकी खुशी दो-गुनी बढ जाती है और वह खुशी समृध्धि लाती है।

आभार, धन्यवाद और कृतज्ञता से जिंदगी में सुकुन मीलता है और उस सुकुन से व्यक्ति जब काम करता है तब उस काम में कोइ भी जल्दबाजी, कोइ भी स्पर्धा और इर्षा नही होती। जीस की वजह से काम का उत्कृष्ट परिणाम मीलता है। जो जिंदगी में खुशी बढाता है और धन्यवाद की अनुभूति से व्यक्ति के अंदर का अहम जो होता है वह भी खतम हो जाता है और व्यक्ति नम्र हो जाता है। जिसकी वजह से व्यक्ति कभी भी किसी दुसरे व्यक्ति के साथ मार-पीट नही करता और अपने काम में हमेशा मगन रहेता है।

धन्यवाद की अनुभूति में दुसरे की महत्व का स्वीकार होता है। मतलब की दुसरो की मान को भी आप क्रेडिट देते हो। जिसकी वजह से सामने वाली व्यक्ति के दिल के अंदर आपका स्थान बनता है। उस व्यक्ति के साथ के संबंध और भी ज्यादा विश्वास से भरे और मजबुत होते है। मतलब की कृतज्ञता के एक नहीं अनेक फायदे है।

कृतज्ञता से होनेवाले फायदे:-

  • सकारात्मकता और खुशी बढती है।
  • जिंदगी में सुकुन मीलता है।
  • भौतिकता घटती है।
  • इर्ष्या घटती है।
  • व्यक्ति का शारीरीक और मानसिक स्वास्थ्य सुधरता है।
  • अच्छी नींद आती है।
  • चिंता खतम होती है।
  • खुद के प्रति और भगवान के प्रति विश्वास मजबुत होता है।
  • धीरज, मानवता और विश्वास बढता है।
  • अपने संबंधो मे से नकारात्मकता घटती है और संबंध और अच्छे होते है।

निष्कर्ष


Gratitude Meaning In Hindi के आर्टिकल में हमने यह जाना कि किसी के प्रति Kritagyata का भाव व्यक्त करने सें न सिर्फ हमें बलकि सारे समाज को बहुत फायदा मिलता है। इसलिए हमे हमेशा हमारे उपर किए जानेवाले हर तरह के उपकार करने वाले कि लिए हमेशा उसको आभार व्यक्त करना चाहिए और हमे हमेशा Gratitude वाली आदत बनानी चाहिए।

FAQ

1. ग्रिटीट्यूड का क्या मतलब है?

ग्रिटीट्यूड का मतलब आभार की अनुभूति होता है। जब हमारे उपर कोइ किसी भी तरह का उपकार करता है तब हम उन्हे आभार व्यक्त करते है। आभार व्यकत करने से हमारी और सामने वाली व्यक्ति की खुशी बढती है।

2. ग्रिटीट्यूड कैसे करें?

ग्रिटीट्यूड करना कोइ मुश्किल काम नहीं है बलकि यह तो बहुत ही सहज काम है जब हमे किसी भी व्यवस्था में किसी भी तरह की कोइ मदद करता है तब हमें उसे धन्यवाद करना होता है उसीको English language में ग्रिटीट्यूड कहते है।

3. ग्रिटीट्यूड का क्या अर्थ है?

ग्रिटीट्यूड का अर्थ होता है हमारे उपर कीए जाने वाले किसी भी तरह का उपकार। 

4. भगवान के प्रति अपनी कृतज्ञता कैसे व्यक्त करें?

भगवान के प्रति हमें कृतज्ञता कुछ एसे व्यक्त करनी होती है कि जब हम इस दुनिया में पैदा हुए तब हमारे पास कुछ भी नहीं था हम कुछ भी लेके नहीं आए हुए फिर भी हमें बिना मांगे सब कुछ मीला हुआ होता है। जिसकी वजह से हमे भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहिए।

5. कृतज्ञ का क्या अर्थ है?

कृतज्ञ का अर्थ होता है हमारे उपर जो उपकार करता है जो भी एहसान करता है उसको माननेवाला यानी की उपकार को माननेवाला, एहसानमंद